राजस्थान के कोटा जिले के बंजारी गांव में एक बहादुर व्यक्ति ने 8 फुट लंबे मगरमच्छ को कंधे पर उठाकर एक अनोखी बहादुरी दिखाई। यह घटना तब घटी जब एक मगरमच्छ एक गांव के घर में घुस गया और परिवार के सदस्य दहशत में आ गए। वन विभाग को कई बार सूचित किया गया था, लेकिन वे समय पर नहीं पहुंचे। ऐसे में स्थानीय वन्यजीव प्रेमी हयात खान ने खुद ही मगरमच्छ को पकड़ने का साहस दिखाया।
राजस्थान में 8 फुट मगरमच्छ बचाने वाला आदमी: घटना का पूरा ब्यौरा
बंजारी गांव में एक रात करीब 8 फुट लंबा और लगभग 80 किलो वजन वाला मगरमच्छ एक घर में घुस गया था। परिवार के लोग जब इस विशाल जीव को देखकर डर से सहम गए, तब उन्होंने आसपास के लोगों को सूचना दी। भीड़ इकठ्ठा हो गई, लेकिन वन विभाग के अधिकारी समय पर न पहुंचने से कोई मदद नहीं कर पाए।
वन विभाग न पहुंचा, तो राजस्थान में 8 फुट मगरमच्छ बचाने वाला आदमी बन गया हीरो
वानजीव प्रेमी हयात खान, जिन्हें स्थानीय लोग “टाइगर” कहते हैं, को सूचना मिली तो वह अपनी टीम के साथ तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने मगरमच्छ के मुंह पर टेप लगाई और उसके पैर बांध दिए। इसके बाद हयात ने मगरमच्छ को अपने कंधे पर उठाते हुए बड़ी सावधानी से घर से बाहर निकाला और पास की चंबल नदी में सुरक्षित छोड़ दिया। यह दृश्य उस वक्त का है जब वह मुस्कुराते हुए मगरमच्छ को कंधे पर लेकर जा रहा था, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
राजस्थान में 8 फुट मगरमच्छ बचाने वाला आदमी: गांव में फैल रही चिंताएं
गांव वाले बताते हैं कि इस इलाके में कई मगरमच्छ रहते हैं, खासकर पास के एक तालाब में। हाल के महीनों में मगरमच्छों की संख्या बढ़ी है, जिससे स्थानीय लोगों की जान को खतरा बढ़ गया है। वे अब पानी लेने भी नहीं जा पाते हैं और प्रशासन से सुरक्षा के लिए उपाय करने की मांग कर रहे हैं।
राजस्थान में 8 फुट मगरमच्छ बचाने वाला आदमी: सोशल मीडिया पर मिली तारीफें
हयात खान की इस बहादुरी की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। लोग उनकी तारीफ करने लगे और उनकी तुलना फिल्मी हीरोज़ से करने लगे। इस घटना ने यह दिखाया है कि ग्रामीण क्षेत्र में रहकर भी लोग जानवरों के प्रति संवेदनशील और हिम्मती हो सकते हैं।
राजस्थान में 8 फुट मगरमच्छ बचाने वाला आदमी: वन्यजीव संरक्षण की जरूरत
यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि वन्यजीवों और इंसानों के सह-अस्तित्व के लिए बेहतर प्रबंधन की जरूरत है। वन विभाग को चाहिए कि वह जल्दी से जल्दी प्रभावी कदम उठाएं ताकि लोगों और जानवरों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
राजस्थान में 8 फुट मगरमच्छ बचाने वाला आदमी की यह कहानी साहस और जिम्मेदारी की अद्भुत मिसाल है। इस घटना से इस इलाके के लोगों को एक नई उम्मीद मिली है कि वे अपने आसपास के खतरों के बावजूद सुरक्षित रह सकते हैं। साथ ही, यह हमें वन्यजीव संरक्षण और जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी देता है।

