Sabarimala: सबरीमाला मंदिर मामले में अदालत का फैसला, पूर्व TDB अधिकारी मुरारी बाबू को दी जमानत; क्या है वजह?

3 Min Read
Sabarimala: सबरीमाला मंदिर मामले में अदालत का फैसला, पूर्व TDB अधिकारी मुरारी बाबू को दी जमानत; क्या है वजह?: ताजा अपडेट

SEO MODERATOR PANEL

Focus Keyword: Sabarimala:

Meta Description: Sabarimala: News: Sabarimala: सबरीमाला मंदिर मामले में अदालत का फैसला, पूर्व TDB अधिकारी मुरारी बाबू को दी जमानत; क्या है वजह? – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

Suggested Slug: sabarimala:-sabarimala-temple-gold-theft-case-court-granted-bail-to-former-tdb-official-murari-babu-news-in-hindi-2026-01-23

Sabarimala:: मुख्य समाचार और अपडेट

Sabarimala:: केरल के सबरीमला मंदिर से जुड़े कथित सोने के नुकसान मामले में न्यायिक प्रक्रिया ने एक अहम मोड़ लिया है। एक तरफ लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले में जांच एजेंसियों की देरी अब सवालों के घेरे में है।वहीं दूसरी ओर अदालत के एक फैसले ने पूरे मामले की दिशा बदल दी है। शुक्रवार को यहां की एक अदालत ने सबरीमाला मंदिर से सोने के कथित नुकसान से जुड़े दो मामलों में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी मुरारी बाबू को कानूनी जमानत दे दी।

बताया जा रहा है कि यह जमानत इसलिए दी क्योंकि बाबू की गिरफ्तारी को 90 दिन पूरे हो चुके थे, लेकिन विशेष जांच टीम (एसआईटी) अब तक दोनों मामलों में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई। बता दें कि मुरारी बाबू द्वारपालक (रक्षक देवता) की मूर्तियों की सोने की प्लेटों से कथित सोना गायब होने के मामले में दूसरे आरोपी हैं। वहीं श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों के फ्रेम से सोना गायब होने के मामले में छठे आरोपी हैं। ऐसे में फिलहाल मुरारी बाबू तिरुवनंतपुरम की विशेष उप-जेल में बंद हैं। उम्मीद है कि उन्हें शुक्रवार शाम तक रिहा कर दिया जाएगा।मुरारी बाबू को अक्टूबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था। उनपर आरोप है कि मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी ने द्वारपालक की मूर्तियों और श्रीकोविल के दरवाजों पर इलेक्ट्रोप्लेटिंग (सोने की परत चढ़ाने) का प्रस्ताव दिया था। मुरारी बाबू ने यह प्रस्ताव त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड को आगे भेजा। इसी आधार पर उन पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया। गिरफ्तारी के समय बाबू हरिपाड में डिप्टी देवस्वोम कमिश्नर के पद पर कार्यरत थे। बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया था।गौरतलब है कि पहले ही उन्नीकृष्णन पोट्टी को द्वारपालक मूर्ति मामले में वैधानिक जमानत मिल चुकी है। वहीं एसआईटी ने अब तक द्वारपालक मूर्ति मामले में 16 लोगों और श्रीकोविल दरवाजा फ्रेम मामले में 13 लोगों को आरोपी बना चुकी है पुलिस सूत्रों के अनुसार, अगर चार्जशीट दाखिल करने में और देरी होती है, तो अन्य गिरफ्तार आरोपी भी अदालत का रुख कर वैधानिक जमानत मांग सकते हैं। हालांकि, हाल ही में केरल हाईकोर्ट ने जांच की प्रगति पर संतोष जताया है और कहा है कि मामले की गहराई से जांच जारी है।

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

Exit mobile version