लेखक: Deepak Pandit | स्थान: रियाद/हैदराबाद | दिनांक: 17 नवंबर 2025
रियाद: सऊदी अरब से आज (सोमवार, 17 नवंबर 2025) सुबह एक अत्यंत हृदय विदारक खबर सामने आई है, जिसने पूरे भारत को शोक में डुबो दिया है। मक्का में उमराह की रस्में पूरी करने के बाद मदीना जा रही भारतीय तीर्थयात्रियों से भरी एक यात्री बस डीजल टैंकर से टकराकर भीषण आग की चपेट में आ गई। इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या 45 तक पहुंचने की आशंका है, जबकि केवल एक यात्री के जीवित बचने की खबर है।
हादसे के शिकार हुए अधिकांश तीर्थयात्री तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के थे, जिससे वहाँ कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सऊदी अरब के इतिहास में भारतीय तीर्थयात्रियों से जुड़ी यह सबसे भीषण दुर्घटनाओं में से एक है।
🚨 दुर्घटना की भयावहता: जब यात्री गहरी नींद में थे
यह भीषण दुर्घटना भारतीय समयानुसार तड़के लगभग 1:30 बजे (सऊदी अरब के समय के अनुसार देर रात) **बद्र और मदीना** के बीच **मुफरीहाट** नामक इलाके में हुई। यह राजमार्ग विशेष रूप से तीर्थयात्रियों द्वारा उपयोग किया जाता है।
- टक्कर और आग का कारण: शुरुआती जानकारी के अनुसार, उमराह की रस्में पूरी करने के बाद बस मदीना जा रही थी, जब यह एक खड़े या सामने से आ रहे डीज़ल टैंकर से टकरा गई। टक्कर के तुरंत बाद डीज़ल टैंकर से हुआ रिसाव आग का मुख्य कारण बना।
- तेज़ फैलाव: डीजल के कारण आग तेज़ी से फैली और कुछ ही मिनटों में पूरी बस को खाक कर दिया। बस की खिड़कियां जाम होने और बाहर निकलने के रास्तों पर धुंआ भर जाने के कारण यात्रियों को बचने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिला।
- सो रहे थे यात्री: रिपोर्ट्स के अनुसार, हादसे के वक्त बस में सवार अधिकांश 46 यात्री गहरी नींद में थे। इस कारण, मृतकों की संख्या इतनी अधिक हो गई, जिसमें 20 महिलाएं और 11 बच्चे भी शामिल हैं।
😭 हैदराबाद में मातम: उजड़ गए कई परिवार और समूह
इस हादसे ने हैदराबाद और तेलंगाना में कई परिवारों को तबाह कर दिया है। ये सभी तीर्थयात्री 9 नवंबर को उमराह के लिए सऊदी अरब रवाना हुए थे और उन्हें 23 नवंबर को वापस लौटना था।
- समूह यात्रा: हैदराबाद पुलिस कमिश्नर के अनुसार, कुल 54 लोग एक ही समूह में यात्रा कर रहे थे। उनमें से 46 लोग दुर्भाग्यपूर्ण बस में सवार थे, जबकि 8 लोग अन्य साधनों से यात्रा कर रहे थे।
- बस्ती घाट (Bazaar Ghat) का दर्द: हैदराबाद के मल्लेपल्ली स्थित बाज़ार घाट और आसपास के क्षेत्रों से कम से कम 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
- सामूहिक नुकसान: कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि हैदराबाद के एक परिवार के 18 सदस्य एक साथ इस दुर्घटना का शिकार हो गए हैं, जिससे पूरे मोहल्ले में शोक की लहर है।
- परिजनों का रोना: पीड़ित परिवारों ने हैदराबाद में ट्रैवल एजेंसियों के दफ्तरों पर जमा होकर हंगामा और रोना शुरू कर दिया। वे भारत सरकार से शवों को जल्द से जल्द वापस लाने की गुहार लगा रहे हैं।
🇮🇳 भारत और सऊदी प्रशासन की कार्रवाई: हेल्पलाइन जारी और समन्वय
हादसे की खबर मिलते ही केंद्र और राज्य सरकारें तुरंत हरकत में आईं और सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने बचाव और सहायता कार्य शुरू किए।
प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की संवेदनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय दूतावास (रियाद) और वाणिज्य दूतावास (जेद्दा) सऊदी अधिकारियों के साथ मिलकर समन्वय कर रहे हैं। पीएम मोदी ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
तेलंगाना सरकार का त्वरित कदम
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मुख्य सचिव और डीजीपी को विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ समन्वय स्थापित करने और पीड़ितों के बारे में पूरी जानकारी जुटाने का निर्देश दिया। हैदराबाद सचिवालय में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
24×7 हेल्पलाइन
जेद्दा स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने पीड़ित परिवारों को सहायता और जानकारी देने के लिए 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है। टोल-फ्री नंबर 8002440003 लगातार चालू है, जहाँ भारतीय अधिकारी सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ शवों की पहचान और उन्हें भारत भेजने की प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।
🚑 एकमात्र जीवित बचे यात्री की कहानी और रोड सेफ्टी पर सवाल
इस भीषण हादसे से एकमात्र जीवित बचे यात्री की पहचान **मो. अब्दुल शोएब (24)** के रूप में हुई है, जो हैदराबाद के ही निवासी हैं।
- बचने का चमत्कार: बताया जा रहा है कि शोएब बस के ड्राइवर के पास की सीट पर बैठे थे और टक्कर के तुरंत बाद उन्हें बाहर निकलने का अवसर मिल गया। उनकी हालत गंभीर है, और उन्हें सऊदी अरब के अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
- सुरक्षा पर सवाल: सऊदी अरब में राजमार्ग (Highways) उच्च गुणवत्ता वाले हैं, लेकिन तीर्थयात्रा के मौसम के दौरान **थकान, तेज रफ़्तार** और ओवरलोडिंग के कारण दुर्घटनाएं एक बड़ी चिंता का विषय रही हैं। यह दुर्घटना एक बार फिर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए **कड़े यातायात नियमों** की आवश्यकता को उजागर करती है।
उपसंहार: यह दुर्घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं है, बल्कि एक राष्ट्रीय त्रासदी है जिसने उमराह करने गए परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया है। भारतीय अधिकारी सऊदी अरब में पहचान प्रक्रिया (Identification procedures) पूरी होने के बाद ही मृतकों की आधिकारिक संख्या जारी करेंगे। फिलहाल, पूरा देश पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कर रहा है।

