दुनिया | Nov 17, 2025 2:43 PM IST
बांग्लादेश की अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
बांग्लादेश की अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट ने देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को दोषी करार देते हुए एक ऐतिहासिक और चौंकाने वाला फैसला सुनाया है। कोर्ट ने हसीना और उनके दो शीर्ष सहयोगियों – पूर्व गृह मंत्री असदुज्जामान खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (IGP) चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को **शेख हसीना मौत की सज़ा** दी है। यह फैसला पिछले साल हुए जुलाई विद्रोह और मानवता के खिलाफ कई अपराधों के संबंध में सुनाया गया है।
कोर्ट ने हसीना को जुलाई 2024 के बाद से तानाशाह बनने की ओर अग्रसर होने का दोषी माना। उनके खिलाफ प्रमुख आरोप यह है कि उन्होंने जुलाई विद्रोह के दौरान निहत्थे नागरिकों पर गोली चलवाने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने 6 हिस्सों में 453 पेज का विस्तृत फैसला सुनाया है, जिसमें कहा गया है कि हसीना के अपराध मानवता के खिलाफ हैं। इस फैसले के बाद, **शेख हसीना मौत की सज़ा** की खबर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हलचल मचा दी है।
भारत में मौजूद हसीना: इंटरपोल रेड नोटिस की तैयारी
सजा सुनाए जाने के समय, शेख हसीना तख्तापलट के बाद से ही भारत में शरण लिए हुए हैं। ऐसे में, सवाल उठता है कि बांग्लादेशी कोर्ट द्वारा दी गई **शेख हसीना मौत की सज़ा** पर अमल कैसे होगा? बांग्लादेश सरकार अब हसीना को गिरफ्तार करने के लिए इंटरपोल (इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गनाइजेशन) के जरिए अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी करने की तैयारी कर रही है।
बांग्लादेश इंटरपोल को अनुरोध भेजेगा कि हसीना के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जाए, जो कि एक तरह का अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट होता है। एक बार नोटिस जारी होने के बाद, बांग्लादेश सरकार भारत को आधिकारिक तौर पर इस नोटिस की जानकारी देगी और सहयोग की मांग करेगी ताकि हसीना को गिरफ्तार करके बांग्लादेश को सौंपा जा सके।
भारत की भूमिका और संभावित अंतरराष्ट्रीय दबाव
इस पूरे घटनाक्रम में भारत की भूमिका अत्यंत अहम हो जाती है। चूंकि **शेख हसीना मौत की सज़ा** मिलने के बाद भी भारत में हैं, इसलिए नई बांग्लादेशी सरकार को गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण के लिए पूरी तरह से भारतीय प्रशासन के सहयोग की आवश्यकता होगी।
यदि भारत, बांग्लादेश सरकार के वारंट और इंटरपोल नोटिस के बावजूद हसीना को गिरफ्तार करने या उन्हें सौंपने से इनकार कर देता है, तो बांग्लादेश इस मामले को संयुक्त राष्ट्र (UN) के पास ले जा सकता है। वहां, बांग्लादेश भारत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनवाने की कोशिश करेगा। यह स्थिति भारत के लिए एक कूटनीतिक संकट पैदा कर सकती है, क्योंकि **शेख हसीना मौत की सज़ा** का मामला अब दो पड़ोसी देशों के बीच एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय कानून और द्विपक्षीय संबंधों के बीच भारत को एक जटिल संतुलन बनाना होगा।

