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Meta Description: SSB: News: SSB: एसएसबी के आईजी का अनूठा फरमान, उनके चेंबर में बिना अनुमति डीआईजी/कमांडेंट/अस्पताल स्टाफ की ‘नो एंट्री’ – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
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SSB:: मुख्य समाचार और अपडेट
SSB:: सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के तेजपुर फ्रंटियर के आईजी की तरफ से जारी हुआ एक अनूठा फरमान बल की विभिन्न इकाइयों में चर्चा का विषय बन गया है। इस फरमान में खासतौर पर, फ्रंटियर के तहत आने वाले सेक्टर डीआईजी, कंपोजिट अस्पताल सलोनीबारी और यूनिट कमांडेंट का जिक्र हुआ है। ये अधिकारी, आईजी के चेंबर में बिना पूर्व इजाजत के प्रवेश नहीं कर सकते।
मंगलवार को एसएसबी के तेजपुर फ्रंटियर मुख्यालय के डीआईजी (प्रशासन) द्वारा उक्त आदेश जारी किया गया है। इसमें लिखा है कि यह आदेश, आईजी फ्रंटियर तेजपुर के निर्देशों पर जारी हुआ है। सूत्रों का कहना है कि कई बार, जूनियर अधिकारी आईजी के चेंबर में आ जाते थे। हालांकि उनका मकसद किसी अहम रिपोर्ट पर चर्चा करना ही रहता था। कुछ मौकों पर जब किसी सेक्टर हेडक्वार्टर या बटालियन में कोई घटना हो जाती तो उसकी विस्तृत रिपोर्ट देने और उस पर चर्चा करने के लिए जूनियर अधिकारी अपने वरिष्ठ अफसर के पास पहुंच जाते थे। अब वे सभी अधिकारी आईजी के आदेश से हैरान हैं।..आदेशों में कहा गया है कि सेक्टर डीआईजी, कंपोजिट अस्पताल से जुड़ा स्टाफ और यूनिट कमांडेंट, बिना पूर्व अनुमति के आईजी से नहीं मिल सकते। इसके लिए उन्हें डीआईजी (प्रशासन) या डीआईजी (प्रशासन/इंटेल) से पूर्व अनुमति लेनी होगी। संबंधित अधिकारियों को उक्त आदेश का सख्ती से पालन करना पड़ेगा। आईजी तेजपुर फ्रंटियर के अंतर्गत 23वीं बटालियन, 30वीं, 37वीं, 38वीं, 61वीं, 67वीं, 68वीं और 73वीं बटालियन आती हैं।..2001 में 1751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल की बाड़ रहित सीमा की सुरक्षा एसएसबी को सौंपी गई थी। इसके बाद 2004 में 699 किलोमीटर लंबी भूटान की सीमाओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी भी एसएसबी को दी गई। एसएसबी के जवानों ने हर जगह पर कठिनतम परिस्थितियों में सीमाओं की रखवाली और सीमांत गांवों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की कुशलता की हमेशा चिंता की है। एसएसबी को एक जमाने में विशेष सेवा ब्यूरो के नाम से जाना जाता था। सीमांत गांवों की सांस्कृतिक पहचान, इतिहास और संस्कृति के संरक्षण और एवं संवर्धन की जिम्मेदारी एसएसबी पर ही थी।
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