Supreme Court: साइबर ठगी के शिकार लोगों को मुआवजा दे सरकार, लोगों को सिखाएं अपराधियों से बचने के तौर-तरीके

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Supreme Court: साइबर ठगी के शिकार लोगों को मुआवजा दे सरकार, लोगों को सिखाएं अपराधियों से बचने के तौर-तरीके: ताजा अपडेट

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Meta Description: Supreme News: Supreme Court: साइबर ठगी के शिकार लोगों को मुआवजा दे सरकार, लोगों को सिखाएं अपराधियों से बचने के तौर-तरीके – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

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Supreme: मुख्य समाचार और अपडेट

Supreme: खरब पर फर्जी बैंक खाते बनाने और उन्हें साइबर अपराधियों को बेचकर ऑनलाइन घोटाले के पीड़ितों से जबरन वसूली की गई रकम जमा करने का आरोप है। अदालत ने मार्च, 2024 से हिरासत में बंद खरब को यह देखते हुए जमानत दे दी कि मामले में अन्य सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। कोर्ट ने खरब को अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करने का आदेश दिया। उसे हर महीने के पहले सोमवार को पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगानी होगी। कोर्ट ने साफ कहा कि वह गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा और सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेगा। शर्तों का उल्लंघन करने पर उसकी जमानत रद्द हो सकती है।जस्टिस नागरत्ना ने सरकार से कहा कि पुलिस को बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए खास कदम उठाने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि टीवी और रेडियो पर ऐसी रिकॉर्डिंग प्रसारित करें जिनसे पता चले कि अपराधी कैसे ठगी करते हैं। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने अपनी करोड़ों की कमाई खो दी है, इसलिए उन्हें अपराधियों के तौर-तरीकों से अवगत कराना जरूरी है।अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय ने बताया कि ये अपराधी बहुत चालाक होते हैं। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी एक बार ठगी का शिकार होते-होते बचे थे। उन्होंने कोर्ट को ‘संचार साथी’ ऐप के बारे में जानकारी दी। इस ऐप पर लोग साइबर अपराध, मोबाइल चोरी या पहचान चोरी की रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। सरकार जनता को शिक्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

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