Stray Dogs Case: ‘शहरीकरण से बढ़ा कूड़ा और उससे आवारा कुत्ते होते हैं इकट्ठा’, सुप्रीम कोर्ट में वकील की दलील

3 Min Read
Stray Dogs Case: 'शहरीकरण से बढ़ा कूड़ा और उससे आवारा कुत्ते होते हैं इकट्ठा', सुप्रीम कोर्ट में वकील की दलील: ताजा अपडेट

SEO MODERATOR PANEL

Focus Keyword: Stray

Meta Description: Stray News: Stray Dogs Case: ‘शहरीकरण से बढ़ा कूड़ा और उससे आवारा कुत्ते होते हैं इकट्ठा’, सुप्रीम कोर्ट में वकील की दलील – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

Suggested Slug: supreme-court-hearing-updates-on-stray-dogs-case-prashant-bhushan-delhi-ncr-dog-attack-mcd-rules-2026-01-20

Stray: मुख्य समाचार और अपडेट

Stray: सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को आवारा कुत्तों के मामले पर सुनवाई की। इस दौरान एक वकील ने दलील देते हुए कहा कि नगर पालिका के अधिकारी कूड़ा नहीं उठाते हैं, जिसकी वजह से वहां कुत्ते इकट्ठा हो जाते हैं। वकील ने कहा कि शहरीकरण की वजह से कूड़ा बढ़ा है।

शीर्ष अदालत में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ के समक्ष आवारा कुत्तों के मामले की सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने मुख्य रूप से संस्थागत परिसरों में आवारा कुत्तों के मुद्दे और नगर निगम अधिकारियों की विफलता पर ध्यान दिया।लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक आवारा कुत्तों के मामले में सुनवाई के दौरान एक अन्य वकील ने दलील देते हुए कहा कि नसबंदी आदि की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। वहीं, मेनका गांधी की ओर से पेश हुए वकील रामचंद्रन की एक दलील पर न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने सवाल पूछते हुए कहा, ‘आपकी मुवक्किल मंत्री रह चुकी हैं और पशु अधिकार कार्यकर्ता हैं। हमें बताएं कि आपके आवेदन में बजट आवंटन का जिक्र क्यों नहीं है। इन क्षेत्रों में आपके मुवक्किल का क्या योगदान रहा है?’ इस पर वकील रामचंद्रन ने कहा कि मैं इसका मौखिक उत्तर नहीं दे सकता।सुप्रीम कोर्ट में एक वकील ने दलील दी, ‘कुत्ते पालने वाले लोग कुत्तों के व्यवहार को समझते हैं। वे बीमार कुत्तों की पहचान कर सकते हैं। खाना खिलाने से कुत्ते इधर-उधर भटकना बंद कर देते हैं, आपस में लड़ते नहीं हैं। कोई बीमारी नहीं फैलती। प्रति कुत्ता प्रति वर्ष 18250 रुपये का खर्च आता है।’उन्होंने कहा, ‘हम कुत्तों को क्यों हटाने की कोशिश कर रहे हैं? इस पैसे का इस्तेमाल लोगों (जैसे अनाथ बच्चों) को फुटपाथ से हटाने के लिए किया जा सकता है। खाना खिलाने वाले लोग जनहित में काम कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘एक खाना खिलाने वाले के रूप में मैं भी इन सभी बातों के दायरे में आता हूं। तंजानिया में भी कुत्तों की संख्या और काटने की घटनाओं में कमी आई है। सहानुभूति को दंडित नहीं किया जा सकता।’

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

Exit mobile version