Supreme Court: RPSC पुलिस भर्ती परीक्षा में अब केवल एक छात्र ही बैठेगा, 713 उम्मीदवारों को नहीं मिली इजाजत

3 Min Read
Supreme Court: RPSC पुलिस भर्ती परीक्षा में अब केवल एक छात्र ही बैठेगा, 713 उम्मीदवारों को नहीं मिली इजाजत: ताजा अपडेट

SEO MODERATOR PANEL

Focus Keyword: Supreme

Meta Description: Supreme News: Supreme Court: RPSC पुलिस भर्ती परीक्षा में अब केवल एक छात्र ही बैठेगा, 713 उम्मीदवारों को नहीं मिली इजाजत – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

Suggested Slug: supreme-court-modifies-order-rpsc-si-exam-only-one-candidate-allowed-2026-04-03

Supreme: मुख्य समाचार और अपडेट

Supreme: दरअसल, आरपीएससी की ओर से 5 और 6 अप्रैल को होने वाली इस बड़ी परीक्षा में करीब 1,015 पदों के लिए 7 लाख 70 हजार से ज्यादा उम्मीदवार बैठने वाले हैं। यह परीक्षा पहले धांधली और पेपर लीक के आरोपों के चलते रद्द कर दी गई थी। जब आयोग ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया, तो उन छात्रों को उम्र में कोई छूट नहीं दी गई जो इस बीच ओवरएज यानी अधिक उम्र के हो गए।इसी बात को लेकर छात्र पहले हाईकोर्ट गए थे। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने छात्रों को परीक्षा में बैठने की इजाजत दे दी थी, लेकिन बाद में डबल बेंच ने इस पर रोक लगा दी। इसके बाद सूरज मल मीणा नाम के एक छात्र ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।गुरुवार, 2 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता सूरज मल मीणा समेत ऐसे 713 उम्मीदवारों को बड़ी राहत देते हुए आयोग को आदेश दिया था कि वह इन सभी को प्रोविजनल एडमिट कार्ड जारी करे, जिससे ये परीक्षा में शामिल हो सकें। लेकिन शुक्रवार को कहानी पूरी तरह पलट गई। आरपीएससी तुरंत सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और दलील दी कि गुरुवार को कोर्ट के सामने पूरे तथ्य सही तरीके से नहीं रखे गए और कई जरूरी बातें छिपाई गईं।आयोग की दलील सुनने के बाद जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने छुट्टी वाले दिन बैठकर अपने पुराने आदेश में सुधार किया। कोर्ट ने साफ कहा कि अब 713 छात्रों को परीक्षा में बैठने की राहत नहीं दी जा सकती। यह राहत अब सिर्फ मुख्य याचिकाकर्ता सूरज मल मीणा तक ही सीमित रहेगी।हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि बाकी के 712 छात्र राजस्थान हाईकोर्ट जा सकते हैं। अगर हाईकोर्ट का अंतिम फैसला छात्रों के पक्ष में आता है, तो आयोग को उनके लिए अलग से परीक्षा आयोजित करनी पड़ सकती है। शीर्ष अदालत ने यह भी साफ कर दिया है कि जो भी छात्र इस अदालती आदेश के तहत परीक्षा दे रहे हैं, उनका रिजल्ट तब तक जारी नहीं होगा जब तक हाईकोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आ जाता।

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

Exit mobile version