Supreme Court: भ्रष्टाचार विरोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बंटा हुआ फैसला, अब बड़ी बेंच करेगी सुनवाई

3 Min Read
Supreme Court: भ्रष्टाचार विरोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बंटा हुआ फैसला, अब बड़ी बेंच करेगी सुनवाई: ताजा अपडेट

SEO MODERATOR PANEL

Focus Keyword: Supreme

Meta Description: Supreme News: Supreme Court: भ्रष्टाचार विरोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बंटा हुआ फैसला, अब बड़ी बेंच करेगी सुनवाई – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

Suggested Slug: supreme-court-verdict-2018-provision-in-anti-graft-law-prior-sanction-to-prosecute-govt-servants-issue-news-2026-01-13

Supreme: मुख्य समाचार और अपडेट

Supreme: वहीं ‘पूर्व स्वीकृति अनिवार्य’ होने पर सवाल खड़े करते हुए जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि ये शर्त भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की भावनाओं के खिलाफ है। इससे जांच बाधित होती है। कानून के ऐसी धाराओं से भ्रष्ट लोगों को संरक्षण मिलता है। हालांकि मुकदमे की सुनवाई कर रही इस खंडपीठ में शामिल एक अन्य न्यायमूर्ति ने कानून की इस धारा को सांविधानिक बताया।न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन ने अपने हिस्से के फैसले में लिखा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए सांविधानिक प्रावधान है। उन्होंने कहा कि कानून के इस प्रावधान से ईमानदार अधिकारियों की सुरक्षा होती है, जिस पर जोर दिया जाना आवश्यक है।एक तरफ जहां जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A असांविधानिक है और इसे खत्म किया जाना चाहिए, तो वहीं जस्टिस केवी विश्वनाथन ने इस प्रावधान को संवैधानिक बताया और ईमानदार अधिकारियों की सुरक्षा की जरूरत पर जोर दिया। ऐसे में अब इस मामले को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के सामने रखा जाएगा ताकि अंतिम फैसले के लिए मामले की दोबारा सुनवाई के लिए एक बड़ी बेंच बनाई जा सकें।बता दें कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17A, जिसे जुलाई 2018 में पेश किया गया था, किसी भी लोक सेवक के खिलाफ आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में की गई सिफारिशों के लिए सक्षम प्राधिकारी से पहले मंजूरी के बिना किसी भी ‘पूछताछ या जांच’ पर रोक लगाती है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला NGO ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ (CPIL) द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संशोधित धारा 17A की वैधता के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर आया है।

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

Exit mobile version