Tiger Conservation: भारत में 3,682 बाघ, यह दुनिया में कुल आबादी का करीब 75 फीसदी; मृत्यु दर 5% घटी

josephben1999gd@gmail.com
4 Min Read
Tiger Conservation: भारत में 3,682 बाघ, यह दुनिया में कुल आबादी का करीब 75 फीसदी; मृत्यु दर 5% घटी: ताजा अपडेट

SEO MODERATOR PANEL

Focus Keyword: Tiger

Meta Description: Tiger News: Tiger Conservation: भारत में 3,682 बाघ, यह दुनिया में कुल आबादी का करीब 75 फीसदी; मृत्यु दर 5% घटी – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

Suggested Slug: tiger-conservation-india-has-3682-tigers-represent-approximately-75-percent-of-world-mortality-rate-decreased-2026-01-14

Tiger: मुख्य समाचार और अपडेट

Tiger: Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं

एनटीसीए की स्टेटस ऑफ टाइगर्स : को-प्रेडेटर्स एंड प्रे इन इंडिया-2022 रिपोर्ट में क्या है? भारत में बाघों की कुल संख्या 3,682 है।

Tiger: घटना का पूरा विवरण

यह दुनिया में जंगली बाघों की कुल आबादी का लगभग 75 फीसदी है।

आंकड़ों के अनुसार, बाघ मौतों का सबसे खराब साल 2023 रहा, जब 182 बाघों की मौत हुई थी।

- Advertisement -

इसके बाद 2024 में 126 और 2022 में 122 बाघों की मौत दर्ज की गई।

Tiger: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

2022 के आकलन में बाघों की वार्षिक वृद्धि दर 6.1 फीसदी रही, जो प्राकृतिक मौतों और अन्य कारणों से होने वाले नुकसान की भरपाई करने में सक्षम है।

विज्ञापन विज्ञापन वर्ष 2006 में जहां देश में केवल 1,411 बाघ थे, वहीं 2022 तक यह संख्या बढ़कर 3,682 पहुंच गई। ये भी पढ़ें: चिंताजनक: 2025 तीसरा सबसे गर्म साल, दुनिया 1.5 डिग्री सीमा पार करने की ओर; ध्रुवीय इलाकों में रिकॉर्ड गर्मी

2025 में मृत्यु दर 4.53 फीसदी रही

पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों के पुनर्स्थापन से जुड़े रहे सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी आर श्रीनिवास मूर्ति ने कहा कि जब बाघों की संख्या बढ़ती है, तो मौतों की संख्या में भी कुछ वृद्धि स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि 2025 में मृत्यु दर 4.53 फीसदी रही, जो चिंताजनक नहीं है, लेकिन हर मौत के कारणों का गहन विश्लेषण जरूरी है।

अब अखिल भारतीय बाघ गणना की तैयारी

एनटीसीए के आंकड़ों के अनुसार, 2012 से 2025 के बीच दर्ज 1,581 बाघ मौतों में से 52.5% घटनाएं टाइगर रिजर्व के भीतर और 47.5% रिजर्व के बाहर हुईं। विशेषज्ञों के मुताबिक, बिजली करंट, सड़क और रेल हादसे भी बाघ मौतों की बड़ी वजह हैं। भारत अब 2026 की अखिल भारतीय बाघ गणना की तैयारी कर रहा है, जिसके नतीजे 2027 में आने की उम्मीद है।

पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों के पुनर्स्थापन से जुड़े रहे सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी आर श्रीनिवास मूर्ति ने कहा कि जब बाघों की संख्या बढ़ती है, तो मौतों की संख्या में भी कुछ वृद्धि स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि 2025 में मृत्यु दर 4.53 फीसदी रही, जो चिंताजनक नहीं है, लेकिन हर मौत के कारणों का गहन विश्लेषण जरूरी है।एनटीसीए के आंकड़ों के अनुसार, 2012 से 2025 के बीच दर्ज 1,581 बाघ मौतों में से 52.5% घटनाएं टाइगर रिजर्व के भीतर और 47.5% रिजर्व के बाहर हुईं। विशेषज्ञों के मुताबिक, बिजली करंट, सड़क और रेल हादसे भी बाघ मौतों की बड़ी वजह हैं। भारत अब 2026 की अखिल भारतीय बाघ गणना की तैयारी कर रहा है, जिसके नतीजे 2027 में आने की उम्मीद है।

भारत की बाघ संरक्षण नीति को बड़ी सफलता मिली है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में देश में कुल 167 बाघों की मौत दर्ज की गई, जिनमें 31 शावक शामिल हैं। इसके बावजूद पिछले चार वर्षों में बाघों की कुल आबादी के अनुपात में मृत्यु दर 5 फीसदी से नीचे बनी हुई है, जिसे संरक्षण के लिहाज से सकारात्मक माना जा रहा है।

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

Leave a comment

Please Login to Comment.