SEO MODERATOR PANEL
Focus Keyword: UP: ‘सिर्फ
Meta Description: UP: ‘सिर्फ News: UP: ‘सिर्फ पेशे के नाम से बुला देना ही एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध नहीं माना जा सकता’, कोर्ट ने की ये टिप्प्णी – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
Suggested Slug: up: ‘सिर्फ-allahabad-high-court-calling-someone-by-profession-alone-not-an-offence-under-sc-st-act-2026-03-03
UP: ‘सिर्फ: मुख्य समाचार और अपडेट
UP: ‘सिर्फ: और पढ़ें Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति अनिल कुमार-दशम की एकल पीठ ने गौतमबुद्ध नगर के विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) के समन आदेश को चुनौती देने वाली युवक की आपराधिक अपील आंशिक रूप से स्वीकार कर ली। विज्ञापन विज्ञापन
UP: ‘सिर्फ: घटना का पूरा विवरण
इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति अनिल कुमार-दशम की एकल पीठ ने गौतमबुद्ध नगर के विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) के समन आदेश को चुनौती देने वाली युवक की आपराधिक अपील आंशिक रूप से स्वीकार कर ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ पेशे (काम) के नाम से बुला देना ही एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध नहीं माना जा सकता है। यह प्रमाणित करना होगा कि आरोपी की नीयत जाति के आधार पर अपमानित करने या नीचा दिखाने की थी।
जेवर थाने में युवक के खिलाफ मारपीट, आपराधिक धमकी और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामला विशेष न्यायाधीश के पास जाने पर आरोपी के खिलाफ समन आदेश जारी किया गया था। पीड़िता का आरोप था कि वह उसके घर कपड़े धाने का काम करती थी।
बकाया मजदूरी मांगी तो आरोपी ने रास्ते में रोककर परेशान किया और गाली दी। साथ ही जातिसूचक शब्द कहे। इस पर याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि दोनों पक्षों के बीच मजदूरी का संबंध था। शिकायत में सिर्फ यह कहा गया था कि जातिसूचक शब्द बोले गए। यह आरोप मनगढ़ंत और बनावटी हैं। रोड पर विवाद की बात भी गलत है, घर पर ही रुपये को लेकर बातचीत हुई थी।
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट स्वीकार या खारिज किए बिना नाराजगी याचिका (प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र) शिकायत में बदल दी, जो गलत है।
संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।
ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।
मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)
