लू की मार: UP में सेहत हुई खराब, मुरादाबाद में रोज 30 मरीज भर्ती
- उत्तर प्रदेश में लू की मार से सेहत खराब हो रही है
- मुरादाबाद में हर दिन 30 से ज्यादा मरीज भर्ती हो रहे हैं
- लू की मार के कारण गर्मी और तपिश हो सकते हैं
उत्तर प्रदेश में लू की मार से सेहत खराब हो रही है। मुरादाबाद में हर दिन 30 से ज्यादा मरीज भर्ती हो रहे हैं। जानें क्या है इसकी वजह और कैसे बच सकते हैं।
लू की मार के कारण
लू की मार के कारण गर्मी और तपिश हो सकते हैं। जब व्यक्ति गर्मी में बाहर निकलता है, तो उसके शरीर का तापमान बढ़ सकता है, जिससे लू की मार हो सकती है।
लू की मार के अन्य कारणों में शामिल हैं:
- गर्मी और तपिश
- शरीर में पानी की कमी
- शारीरिक गतिविधि
लू से बचाव के तरीके
लू से बचाव के तरीके हैं पानी पीना, छाया में रहना और गर्मी से बचना। व्यक्ति को गर्मी में बाहर निकलने से पहले पानी पीना चाहिए और गर्मी में बाहर निकलने के दौरान छाया में रहना चाहिए।
लू से बचाव के अन्य तरीकों में शामिल हैं:
- गर्मी में बाहर निकलने से पहले पानी पीना
- गर्मी में बाहर निकलने के दौरान छाया में रहना
- शारीरिक गतिविधि कम करना
“लू की मार से बचाव के लिए पानी पीना और छाया में रहना जरूरी है।”
— डॉक्टर
लू की मार के प्रभाव
लू की मार के प्रभाव व्यक्ति के शरीर पर पड़ सकते हैं। लू की मार से व्यक्ति को बुखार, सिरदर्द और थकान हो सकती है।
लू की मार के अन्य प्रभावों में शामिल हैं:
- बुखार
- सिरदर्द
- थकान
निष्कर्ष
लू की मार से बचाव के लिए पानी पीना, छाया में रहना और गर्मी से बचना जरूरी है। व्यक्ति को गर्मी में बाहर निकलने से पहले पानी पीना चाहिए और गर्मी में बाहर निकलने के दौरान छाया में रहना चाहिए।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लू की मार क्या है?
लू की मार एक प्रकार की गर्मी है जो व्यक्ति को बीमार कर सकती है।
लू की मार के कारण क्या हैं?
लू की मार के कारण गर्मी और तपिश हो सकते हैं।
लू से बचाव के तरीके क्या हैं?
लू से बचाव के तरीके हैं पानी पीना, छाया में रहना और गर्मी से बचना।
