SEO MODERATOR PANEL
Focus Keyword: UP News:
Meta Description: UP News: News: UP News: केबिन में तीन लाशें… पोस्टमॉर्टम में खुला मौत का राज; बंद फैक्टरी में क्या हुआ, जानें पूरी कहानी – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
Suggested Slug: up news:-budaun-factory-case-three-security-guards-bodies-found-in-the-cabin-post-mortem-reveals-the-cause-of-death-2026-01-14
UP News:: मुख्य समाचार और अपडेट
UP News:: 1 of 10 मेंथा फैक्टरी के केबिन में मिले थे तीन सुरक्षाकर्मियों के शव – फोटो : अमर उजाला
बदायूं के उझानी में दिल्ली हाईवे पर कुड़ानरसिंहपुर गांव के पास बंद पड़ी मेंथा ऑयल फैक्टरी में तीन सुरक्षा गार्डों की मौत हो गई। मंगलवार सुबह तीनों के शव गेट के पास केबिन में फर्श पर पड़े मिले। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए कई घंटे तक हंगामा किया। पुलिस ने फैक्टरी मालिक मनोज व नितेश गोयल और मैनेजर राकेश समेत कुछ अज्ञात लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया। देर शाम हुए पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में तीनों की मौत दम घुटने से होना बताया गया। आठ महीने पहले इस फैक्टरी में भीषण आग लगी थी। तब कर्मचारी मुनेंद्र यादव की जिंदा जल जाने से जान चली गई थी। भारत मिंट केमिकल मेंथा ऑयल फैक्टरी बकायेदारी के कारण बैंक ऑफ बड़ौदा के कब्जे में है। यह फैक्टरी बंद पड़ी है और अगले महीने इसकी नीलामी भी होनी है।
UP News:: घटना का पूरा विवरण
Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
2 of 10 भानु यादव, जुगेंद्र यादव, विवेक यादव (फाइल फोटो) – फोटो : संवाद
जान गंवाने वालों में मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव बसावनपुर निवासी जुगेंद्र यादव (30), मूसाझाग इलाके के गांव मुड़सेना निवासी वीरभान यादव उर्फ भानू (32) और कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव पसेई निवासी विवेक यादव (28) शामिल हैं। पुलिस का कहना था कि इन तीनों के जिस कमरे में शव मिले, वहां परात में जल रहे अलाव से दम घुटने से मौत हुई। मामले में जांच के मद्देनजर एसडीएम सदर मोहित ने फैक्टरी को सील करा दिया।
UP News:: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
3 of 10 मृतक जुगेंद्र के बदहवास परिजन – फोटो : संवाद
जुगेंद्र के पिता ने लगाया ये आरोप
जुगेंद्र के पिता रामबहादुर ने बताया कि उनका बेटा बैंक की ओर से फैक्टरी में सिक्योरिटी सुपरवाइजर था। वीरभान और विवेक जुगेंद्र के साथ ही आते थे। उन्होंने दर्ज कराई एफआईआर में बताया कि फैक्टरी मालिक मनोज गोयल व उनके भाई नीतेश गोयल उर्फ गोपाल और मैनेजर राकेश तीनों ने अन्य अज्ञात लोगों की मदद से रात में किसी समय तीनों की हत्या कर शव खींचकर फैक्टरी गेट के पास बने गार्ड रूम में डाल दिए। परिजनों ने आरोप लगाया कि तीनों के शरीर पर घसीटने के निशान हैं। इसी आधार पर हंगामा करते हुए परिजनों ने मांग रखी कि एफआईआर की कॉपी नहीं मिलने तक वे शव नहीं उठने देंगे। करीब छह घंटे हंगामे के बाद शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए।
4 of 10 एंबुलेंस को घेरे खड़े ग्रामीण – फोटो : संवाद
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में तीनों सुरक्षा कर्मियों की दम घुटने से मौत होने की पुष्टि हुई है। अब पुलिस फैक्टरी में अलाव वाली परात से लेकर अन्य चीजों की जांच करेगी। पता लगाया जाएगा कि आखिर तीनों का किस कारण दम घुटा। पुलिस ने फैक्टरी मालिक समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। अब पुलिस की जांच की दिशा बदल गई है।
5 of 10 फैक्टरी परिसर में जुटी लोगों की भीड़ – फोटो : संवाद
डीएम अवनीश राय ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए दो एसडीएम और सीओ की टीम गठित की है। रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों के शिकायती पत्र के आधार पर केस दर्ज किया गया है। लेकिन पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के अनुसार तीनों की मौत दम घुटने से हुई है।
संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।
ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

