US: अमेरिकी खुफिया विभाग की रिपोर्ट से वैश्विक सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता, निशाने पर मुनीर क्यों?

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US: अमेरिकी खुफिया विभाग की रिपोर्ट से वैश्विक सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता, निशाने पर मुनीर क्यों?: ताजा अपडेट

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US: अमेरिकी: मुख्य समाचार और अपडेट

US: अमेरिकी: अमेरिकी खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड की सीनेट में पेश साल 2026 की वार्षिक खतरा मूल्यांकन रिपोर्ट ने वैश्विक सुरक्षा समीकरणों को हिला दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान अब केवल दक्षिण एशिया ही नहीं, बल्कि सीधे अमेरिका के लिए भी सुरक्षा चुनौती बन गया है। पाकिस्तान ऐसी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों का विकास कर रहा है, जिनकी जद में अमेरिका भी है। जहां आम पाकिस्तानी नागरिक रिकॉर्ड तोड़ महंगाई और आईएमएफ के ऋण के बोझ तले दबा है, वहीं सैन्य प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का अरबों डॉलर मिसाइल तकनीक पर खर्च करना आत्मघाती माना जा रहा है।

अब तक पाकिस्तान का परमाणु तर्क भारत के खिलाफ न्यूनतम निवारण तक सीमित था, लेकिन नई मिसाइल क्षमताएं मुनीर की विस्तारवादी और आक्रामक सोच को दर्शाती हैं। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान सेना की मजबूती से अंदरूनी मतभेदों के और भी बढ़ने की आशंका है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान को अक्सर एक ऐसे देश के रूप में देखा जाता है, जहां सेना का प्रभाव सरकार से ज्यादा है। लोकतांत्रिक संस्थाएं पूरी तरह स्वतंत्र नहीं हैं।विशेषज्ञों की राय में कमजोर आर्थिक व राजनीतिक ढांचे वाला देश यदि अपनी सैन्य ताकत को जरूरत से ज्यादा विस्तार देता है तो वह वह रणनीतिक असंतुलन और अस्थिरता की ओर जाता है। रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल जीडी बख्शी ने कहा कि विनाशकाले विपरीत बुद्धि, जब सियार की मौत आती है तब वह शहर की तरफ भागता है।मुनीर ने अफगानिस्तान से भी पंगा ले लिया है कि उनके पास एयरफोर्स नहीं है, लेकिन वहां पाकिस्तान को लेने के देने पड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि मुनीर ने ईरान के खिलाफ अपने एयरबेस भी दिए हैं। बलूचिस्तान में सुन्नी बलूचों को ईरान में तख्तापलट के लिए हथियार भी दिए हैं। ईरान को यह सारी जानकारी है। वह भी पाकिस्तान को आड़े हाथ लेगा।हालिया सांविधानिक संशोधनों ने पाकिस्तान में सैन्य पकड़ को सांविधानिक वैधता दे दी है। परमाणु कमांड और सरकार पर सेना के पूर्ण नियंत्रण से नागरिक शासन का मुखौटा उतर चुका है। निर्णय लेने की प्रक्रिया पूरी तरह अपारदर्शी और अनिश्चित हो गई है। रिपोर्ट ने पाकिस्तान के दोहरे खेल की भी कलई खोली है। पाकिस्तान अब लश्कर ए ताइबा और जैश ए मोहम्मद जैसे पुराने गुटों को नया चोला पहनाकर इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस के साथ मिलकर खेल खेल रहा है।

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