असम में सेना की बड़ी पहल: गजराज कोर की पूर्व सैनिक रैली, चार हजार से अधिक वेटरन्स हुए शामिल

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असम में सेना की बड़ी पहल: गजराज कोर की पूर्व सैनिक रैली, चार हजार से अधिक वेटरन्स हुए शामिल: ताजा अपडेट

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असम में: मुख्य समाचार और अपडेट

असम में: राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों के प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप भारतीय सेना के गजराज कोर द्वारा असम के हेम बरुआ हायर सेकेंडरी स्कूल, घोरामारी में एक विशाल पूर्व सैनिक रैली का आयोजन किया गया। यह रैली भारतीय सेना की अपने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों के कल्याण, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करती है।इस रैली में बिस्वनाथ और सोनितपुर जिलों से लगभग 4,000 पूर्व सैनिक, वीर नारियाँ और उनके परिवारजन उत्साहपूर्वक शामिल हुए, जो सेना और उसके पूर्व सैनिक समुदाय के बीच गहरे और स्थायी संबंध का प्रतीक है।

विभिन्न आर्म्स और सर्विसेज के रिकॉर्ड कार्यालय

असम में: घटना का पूरा विवरण

आर्मी भर्ती कार्यालय (एआरओ), जोरहाट

एक्स-सर्विसमेन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस) सेल, तेजपुर

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डायरेक्टरेट ऑफ इंडियन आर्मी वेटरन्स (डीआईएवी)

असम में: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

भारतीय रक्षा मंत्रालय के गुवाहाटी और तेजपुर के प्रवक्ताओं ने बताया कि कार्यक्रम में मेजर जनरल एचएस गिल, युद्ध सेवा मेडल, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, ब्लेज़िंग स्वॉर्ड डिवीजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, सिविल प्रशासन के प्रतिनिधि तथा विभिन्न सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और निजी संस्थानों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के राष्ट्र की संप्रभुता और सुरक्षा में दिए गए अमूल्य योगदान को नमन किया।राष्ट्र के वीरों का सम्मानराष्ट्र के प्रति उनके अद्वितीय योगदान और बलिदान के सम्मान में 06 वीर नारियों (शहीदों की पत्नियों) तथा 08 विशिष्ट युद्ध वीरों को समारोह के दौरान सम्मानित किया गया। उनका साहस और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।समग्र कल्याण सहायतारैली स्थल पर 46 कल्याणकारी स्टॉल स्थापित किए गए, जिनमें सेना, सिविल प्रशासन, वित्तीय संस्थानों, कॉर्पोरेट संगठनों और विभिन्न कल्याणकारी एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इन स्टॉलों के माध्यम से पेंशन सहायता, रोजगार मार्गदर्शन, वित्तीय सलाह, चिकित्सा सहायता, दस्तावेज़ीकरण सहयोग और आजीविका संबंधी परामर्श प्रदान किया गया। पेंशन से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु सीडी गुवाहाटी (पेंशन सेल) और पीसीडीए (पी) प्रयागराज के प्रतिनिधियों द्वारा विशेष पेंशन सहायता केंद्र स्थापित किए गए। इसके अतिरिक्त एसपीएआरएएच डिजिटल पेंशन प्लेटफॉर्म के लिए भी सहायता डेस्क स्थापित किया गया।

कई सरकारी विभागों ने भी रैली में भाग लेकर पूर्व सैनिकों को आजीविका और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इनमें शामिल थे:

जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र (डीआईसीसी)

विशेषज्ञों ने उच्च उत्पादक फसलों, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि आधारित उद्यमिता और सरकारी सब्सिडी योजनाओं के बारे में मार्गदर्शन दिया।

बैंक और कॉर्पोरेट संस्थानों की भागीदारी

पूर्व सैनिकों की आर्थिक सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने हेतु कई बैंक और कॉर्पोरेट संस्थान भी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख हैं:

एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक शामिल थे। इन संस्थानों ने पेंशन खाते, ऋण सुविधाएं, वित्तीय योजना और उद्यमिता सहायता के बारे में जानकारी प्रदान की।

इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र की हीरो मोटोकॉर्प (रुद्र मोटर्स), मारुति सुजुकी, सोनालिका ट्रैक्टर्स, डाबर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और नेशनल करियर सर्विस / रोजगार एजेंसियां शामिल थीं।

चिकित्सा शिविर और पुनर्वास सहायता

रैली के दौरान एक विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया जिसमें निम्नलिखित विशेषज्ञ सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं। स्त्री रोग, अस्थि रोग, नेत्र रोग, दंत चिकित्सा शामिल थे। सेना के चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क जांच और दवाइयों का वितरण किया गया। वरिष्ठ और दिव्यांग पूर्व सैनिकों की सहायता हेतु 08 व्हीलचेयर और 11 श्रवण यंत्र वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त एक दिव्यांग युद्ध वीर को विशेष रूप से अनुकूलित ट्राई-स्कूटर प्रदान किया गया।

महादानियों ने किया 80 यूनिट रक्तदान

सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए रैली के दौरान रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें सैनिकों, पूर्व सैनिकों और स्थानीय नागरिकों द्वारा लगभग 80 यूनिट रक्तदान किया गया।

रैली में रोजगार सहायता केंद्र स्थापित किए गए, जिनके माध्यम से सुरक्षा, प्रशासन, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी क्षेत्रों में लगभग 400 रोजगार अवसरों की जानकारी प्रदान की गई।

आर्मी भर्ती कार्यालय (एआरओ), जोरहाट द्वारा स्थापित परामर्श केंद्र में पूर्व सैनिकों के आश्रितों को सेना में भर्ती की प्रक्रिया, पात्रता और तैयारी के बारे में मार्गदर्शन दिया गया। रैली में विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।

सेना की प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश

यह पूर्व सैनिक रैली भारतीय सेना की अपने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक रही। 46 कल्याणकारी स्टॉल, चिकित्सा सहायता, पेंशन सुविधा, रोजगार अवसर, वित्तीय मार्गदर्शन और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से गजराज कोर ने एक बार फिर राष्ट्र के इन वीरों के प्रति अपनी निष्ठा को दोहराया।

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