...

शिक्षक भर्ती घोटालाः बंगाल सरकार को हाईकोर्ट से फटकार, एसपी सिन्हा को मिली सशर्त जमानत

josephben1999gd@gmail.com
6 Min Read
शिक्षक भर्ती घोटालाः बंगाल सरकार को हाईकोर्ट से फटकार, एसपी सिन्हा को मिली सशर्त जमानत: ताजा अपडेट

SEO MODERATOR PANEL

Focus Keyword: शिक्षक

Meta Description: शिक्षक News: शिक्षक भर्ती घोटालाः बंगाल सरकार को हाईकोर्ट से फटकार, एसपी सिन्हा को मिली सशर्त जमानत – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

Suggested Slug: शिक्षक-calcutta-hc-slams-west-bengal-govt-delay-prosecution-teacher-recruitment-scam-money-laundering-case-2026-02-28

शिक्षक: मुख्य समाचार और अपडेट

शिक्षक: Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं

जस्टिस जय सेनगुप्ता की एकल पीठ ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कहा कि यदि अभियोजन स्वीकृति में राज्य की ओर से अनावश्यक विलंब होता रहा तो यह न्याय के उद्देश्य के प्रतिकूल होगा। अदालत ने सिन्हा को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्हें अपना पासपोर्ट विशेष पीएमएलए अदालत में जमा करने को कहा गया। अदालत ने कहा कि सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से बड़ी रकम वसूले जाने के आरोप अत्यंत गंभीर हैं। आरोपों की प्रकृति चिटफंड मामलों से भी अधिक गंभीर प्रतीत होती है, क्योंकि यहां सार्वजनिक पद का दुरुपयोग कर अपराध किए जाने का आरोप है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि हजारों नौकरियां रद्द हो चुकी हैं और लाखों अभ्यर्थियों को उचित अवसर से वंचित होना पड़ा है, जिससे यह मामला अत्यंत व्यापक और गंभीर हो जाता है। विज्ञापन विज्ञापन

शिक्षक: घटना का पूरा विवरण

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अप्रैल में रद्द कर दी थीं नियुक्तियां

सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण स्कूल सेवा आयोग द्वारा की गई 25 हजार से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द कर दी थीं। एसपी सिन्हा पिछले एक वर्ष आठ महीने से ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत में थे। अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि मामले की सुनवाई अनावश्यक स्थगन दिए बिना शीघ्र पूरी की जाए। सिन्हा को इस मामले से जुड़े सीबीआई प्रकरण में पहले ही सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

- Advertisement -

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जमानत का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सिन्हा भर्ती घोटाले में सक्रिय रूप से शामिल थे और आपराधिक आय को अपने, अपनी पत्नी और एक करीबी सहयोगी के नाम संपत्तियां खरीदकर वैध बनाने का प्रयास किया। वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी कि 74 वर्षीय सिन्हा सेवानिवृत्त हैं, किसी प्रभावशाली पद पर नहीं हैं और अभियोजन स्वीकृति में देरी के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

जस्टिस जय सेनगुप्ता की एकल पीठ ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कहा कि यदि अभियोजन स्वीकृति में राज्य की ओर से अनावश्यक विलंब होता रहा तो यह न्याय के उद्देश्य के प्रतिकूल होगा। अदालत ने सिन्हा को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्हें अपना पासपोर्ट विशेष पीएमएलए अदालत में जमा करने को कहा गया। अदालत ने कहा कि सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से बड़ी रकम वसूले जाने के आरोप अत्यंत गंभीर हैं। आरोपों की प्रकृति चिटफंड मामलों से भी अधिक गंभीर प्रतीत होती है, क्योंकि यहां सार्वजनिक पद का दुरुपयोग कर अपराध किए जाने का आरोप है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि हजारों नौकरियां रद्द हो चुकी हैं और लाखों अभ्यर्थियों को उचित अवसर से वंचित होना पड़ा है, जिससे यह मामला अत्यंत व्यापक और गंभीर हो जाता है।सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण स्कूल सेवा आयोग द्वारा की गई 25 हजार से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द कर दी थीं। एसपी सिन्हा पिछले एक वर्ष आठ महीने से ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत में थे। अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि मामले की सुनवाई अनावश्यक स्थगन दिए बिना शीघ्र पूरी की जाए। सिन्हा को इस मामले से जुड़े सीबीआई प्रकरण में पहले ही सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।ये भी पढ़ें: भारत-कनाडा संबंध: कार्नी बोले- 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य, साल के अंत तक साझेदारी पर हस्ताक्षर संभव प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जमानत का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सिन्हा भर्ती घोटाले में सक्रिय रूप से शामिल थे और आपराधिक आय को अपने, अपनी पत्नी और एक करीबी सहयोगी के नाम संपत्तियां खरीदकर वैध बनाने का प्रयास किया। वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी कि 74 वर्षीय सिन्हा सेवानिवृत्त हैं, किसी प्रभावशाली पद पर नहीं हैं और अभियोजन स्वीकृति में देरी के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को अभियोजन की स्वीकृति देने में हुई देरी पर कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने पूर्व स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) सलाहकार एसपी सिन्हा को सशर्त जमानत दे दी।

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

Leave a comment

Please Login to Comment.

Seraphinite AcceleratorOptimized by Seraphinite Accelerator
Turns on site high speed to be attractive for people and search engines.