SEO MODERATOR PANEL
Focus Keyword: High
Meta Description: High News: High Court : एफआईआर में बिना कारण देरी कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग, गबन के आरोपी कर्मचारी की गिरफ्तारी पर रोक – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
Suggested Slug: high-court-unreasonable-delay-in-fir-is-abuse-of-legal-process-2026-03-01
High: मुख्य समाचार और अपडेट
High: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि एफआईआर दर्ज करने में बिना कारण देरी न केवल दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग भी है। यह देरी घटना की सत्यता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा और न्यायमूर्ति लक्ष्मीकांत शुक्ला की खंडपीठ ने गबन के आरोपी याची रितिक विश्वकर्मा की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। साथ ही राज्य सरकार और शिकायतकर्ता से छह हफ्ते में जवाब तलब किया है।
Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
मामला बांदा के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र का है। इंडसइंड बैंक की सहायक कंपनी भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड के प्रबंधक धीरज कुमार पांडेय ने कर्मचारी रितिक विश्वकर्मा के खिलाफ गबन के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि मामले में घटना 15 जून 2024 की दर्शायी गई है, जबकि एफआईआर 24 अप्रैल 2025 को करीब 10 महीने की देरी से दर्ज की गई। इसका कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि बिना किसी ठोस स्पष्टीकरण के एफआईआर दर्ज करने में विलंब करना शिकायत की सत्यता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। कानून का इस्तेमाल न्याय के लिए होना चाहिए, न कि किसी को प्रताड़ित करने के हथियार के रूप में।
संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।
ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

