IAS Rinku Singh Rahi: अब राष्ट्रपति तक पहुंचा आईएएस अफसर रिंकू राही का मामला, कांग्रेस ने कर दी ये बड़ी मांग

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IAS Rinku Singh Rahi: अब राष्ट्रपति तक पहुंचा आईएएस अफसर रिंकू राही का मामला, कांग्रेस ने कर दी ये बड़ी मांग: ताजा अपडेट

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IAS Rinku: मुख्य समाचार और अपडेट

IAS Rinku: रिंकू सिंह राही वर्तमान में लखनऊ के राजस्व परिषद में तैनात हैं। उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर आईएएस सेवा से तकनीकी इस्तीफा देने की अनुमति मांगी है। उनका कहना है कि पिछले आठ महीनों से उनके पास कोई ठोस जिम्मेदारी या काम नहीं है। राही के अनुसार बिना काम किए सरकारी वेतन और सुविधाएं लेना उनकी नैतिकता के खिलाफ है। उन्होंने सिस्टम में अपनी अनुपयोगिता का हवाला देते हुए वापस प्रांतीय सिविल सेवा यानी पीसीएस में लौटने की इच्छा जताई है।कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने एक प्रेस वार्ता में सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज भी दलित युवाओं को आईएएस या पीसीएस बनने के बाद उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। गौतम ने कहा कि रिंकू सिंह राही ने पीसीएस अधिकारी रहते हुए करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया था। उस समय उन पर जानलेवा हमला हुआ था और उन्हें गोली मारी गई थी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत से आईएएस अधिकारी बने।गौतम ने आरोप लगाया कि रिंकू सिंह राही को उनकी ईमानदारी की सजा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राही का बार-बार तबादला किया गया और अब उन्हें खाली बैठा दिया गया है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या देश में ईमानदार अधिकारियों की जरूरत नहीं है। उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की कि एक दलित अधिकारी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि राही व्यवस्था को छोड़ना नहीं चाहते बल्कि गरिमा के साथ काम करना चाहते हैं।इस पूरे मामले पर आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही का कहना है कि उनका कदम सिस्टम छोड़ने का प्रयास नहीं है। उन्होंने इसे एक तकनीकी इस्तीफा बताया है। राही के अनुसार वह संवैधानिक व्यवस्था में पूरा विश्वास रखते हैं और अगर कहीं कोई कमी है तो उसे सुधारा जा सकता है। उन्होंने किसी भी तरह के व्यक्तिगत उत्पीड़न या तनाव की बात से इनकार किया है। उन्होंने साफ कहा कि वह पहले भी बहुत बुरा समय देख चुके हैं इसलिए वह डरे हुए नहीं हैं।राष्ट्रपति को 26 मार्च को लिखे अपने पत्र में राही ने कहा कि बिना किसी ठोस जिम्मेदारी के वेतन लेना उनके लिए नैतिक दुविधा पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी निष्ठा और जवाबदेही के साथ काम करने के तरीके के कारण वह वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था में खुद को अनुपयुक्त महसूस कर रहे हैं। राही ने मांग की है कि उन्हें उनकी पुरानी सेवा पीसीएस में वापस भेज दिया जाए जहां वह काम कर सकें।

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