Maharashtra Updates: बिलीमोरा-वघई रेलवे रूट पर होगी फिल्मों की शूटिंग; महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र समाप्त

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Maharashtra Updates: बिलीमोरा-वघई रेलवे रूट पर होगी फिल्मों की शूटिंग; महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र समाप्त: ताजा अपडेट

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गुजरात के बिलीमोरा-वघई नैरो-गेज रूट पर होगी फिल्मों की शूटिंग, रेलवे की नई तैयारी

Maharashtra: घटना का पूरा विवरण

पश्चिम रेलवे गुजरात के 100 साल से ज्यादा पुराने बिलीमोरा-वघई नैरो-गेज रूट पर फिल्मों की शूटिंग शुरू करने पर विचार कर रहा है। रेलवे का लक्ष्य यात्री किराए के अलावा अन्य माध्यमों से अपनी कमाई बढ़ाना है। यह 63 किलोमीटर लंबा रेल मार्ग दक्षिण गुजरात के नवसारी और डांग जिलों के घने जंगलों और नदियों से होकर गुजरता है। मुंबई के करीब होने और अपनी प्राकृतिक सुंदरता की वजह से यह बॉलीवुड फिल्म निर्माताओं के लिए एक अच्छा विकल्प बन सकता है। फिलहाल इस रूट पर चार पैसेंजर ट्रेनें चलती हैं। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि यह रूट बहुत सुंदर है और शूटिंग के लिए बेहतरीन है। विज्ञापन विज्ञापन

पश्चिम रेलवे ने साल 2025-26 में फिल्मों की शूटिंग से अब तक 1.72 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कमाई की है। यह ऐतिहासिक लाइन गायकवाड़ राजवंश ने 1900 की शुरुआत में बिछाई थी। पहले इसका इस्तेमाल लकड़ी और वन उत्पादों को लाने-ले जाने के लिए होता था। आज यह स्थानीय आदिवासियों, छात्रों और व्यापारियों के लिए आवाजाही का मुख्य साधन है। नेरल-माथेरान और कालका-शिमला की तरह यह देश की चुनिंदा नैरो-गेज लाइनों में से एक है। यात्रियों का कहना है कि हाल के दशकों में परिवहन के तेज विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद, यह नैरो-गेज ट्रेन अपने कम किराए और आरामदायक सफर की वजह से लोगों की पसंदीदा बनी हुई है। पश्चिम रेलवे गुजरात के 100 साल से ज्यादा पुराने बिलीमोरा-वघई नैरो-गेज रूट पर फिल्मों की शूटिंग शुरू करने पर विचार कर रहा है। रेलवे का लक्ष्य यात्री किराए के अलावा अन्य माध्यमों से अपनी कमाई बढ़ाना है। यह 63 किलोमीटर लंबा रेल मार्ग दक्षिण गुजरात के नवसारी और डांग जिलों के घने जंगलों और नदियों से होकर गुजरता है। मुंबई के करीब होने और अपनी प्राकृतिक सुंदरता की वजह से यह बॉलीवुड फिल्म निर्माताओं के लिए एक अच्छा विकल्प बन सकता है। फिलहाल इस रूट पर चार पैसेंजर ट्रेनें चलती हैं। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि यह रूट बहुत सुंदर है और शूटिंग के लिए बेहतरीन है।पश्चिम रेलवे ने साल 2025-26 में फिल्मों की शूटिंग से अब तक 1.72 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कमाई की है। यह ऐतिहासिक लाइन गायकवाड़ राजवंश ने 1900 की शुरुआत में बिछाई थी। पहले इसका इस्तेमाल लकड़ी और वन उत्पादों को लाने-ले जाने के लिए होता था। आज यह स्थानीय आदिवासियों, छात्रों और व्यापारियों के लिए आवाजाही का मुख्य साधन है। नेरल-माथेरान और कालका-शिमला की तरह यह देश की चुनिंदा नैरो-गेज लाइनों में से एक है। यात्रियों का कहना है कि हाल के दशकों में परिवहन के तेज विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद, यह नैरो-गेज ट्रेन अपने कम किराए और आरामदायक सफर की वजह से लोगों की पसंदीदा बनी हुई है। महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र बुधवार को समाप्त हो गया। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने राज्य विधानसभा के दोनों सदनों को स्थगित कर दिया है। यह बजट सत्र लगभग छह हफ्तों तक चला। इस सत्र की शुरुआत 23 फरवरी को हुई थी। इस दौरान ‘महाराष्ट्र धर्म की आजादी बिल’ जैसे कई महत्वपूर्ण विधेयक पास किए गए। विधानसभा में स्पीकर राहुल नार्वेकर और विधान परिषद में चेयरमैन राम शिंदे ने सदन को स्थगित करने का आदेश पढ़कर सुनाया। अब महाराष्ट्र विधानसभा का अगला सत्र 22 जून से शुरू होगा।

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पुणे जमीन घोटाला: 13 गंभीर मामलों में अधिकारी छुट्टी पर भेजे गए, पूरे राज्य में होगी जांच

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत बावनकुले ने बुधवार को विधान परिषद में बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुणे में जमीन से जुड़े 424 आदेशों में भारी गड़बड़ी मिली है। नासिक संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति ने पिछले पांच वर्षों के आदेशों की जांच की। समिति ने कुल 38,027 मामलों की शुरुआती जांच की थी। इनमें से 2,337 मामलों के दस्तावेज मिले, जिनमें से 424 आदेश अवैध तरीके से पास किए गए थे। इन गड़बड़ियों को गंभीरता के आधार पर तीन श्रेणियों (A, B और C) में बांटा गया है। सबसे गंभीर ‘ए’ श्रेणी के 13 मामलों से जुड़े अधिकारियों को तुरंत अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया गया है।

सरकार इन पर कानूनी राय लेने के बाद निलंबन और आपराधिक कार्रवाई करेगी। जिन अधिकारियों ने 30 से ज्यादा मामलों में गड़बड़ी की है, उन्हें तुरंत सस्पेंड किया जाएगा। ‘बी’ श्रेणी के दोषी अधिकारियों का पुणे विभाग से बाहर तबादला होगा। सरकार ने अगले छह महीनों में इन सभी अवैध आदेशों की समीक्षा करने और जमीन की पुरानी स्थिति बहाल करने का फैसला लिया है। अब पूरे राज्य में ऐसी जांच के लिए समितियां बनेंगी जो छह महीने में रिपोर्ट देंगी। भविष्य में कानून के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए मानसून सत्र में एक नया बिल भी लाया जाएगा।

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