Mohan Bhagwat: US टैरिफ के जिक्र पर बोले भागवत- फिलहाल शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और एक-दूसरे का पूरक बनना जरूरी

josephben1999gd@gmail.com
4 Min Read
Mohan Bhagwat: US टैरिफ के जिक्र पर बोले भागवत- फिलहाल शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और एक-दूसरे का पूरक बनना जरूरी: ताजा अपडेट

SEO MODERATOR PANEL

Focus Keyword: Mohan

Meta Description: Mohan News: Mohan Bhagwat: US टैरिफ के जिक्र पर बोले भागवत- फिलहाल शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और एक-दूसरे का पूरक बनना जरूरी – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

Suggested Slug: mohan-bhagwat-salman-meet-us-tariffs-impact-on-india-rss-role-hindu-adjective-british-congress-safety-valve-2026-02-07

Mohan: मुख्य समाचार और अपडेट

Mohan: उन्होंने कहा, लेकिन फिर भी कुछ हद तक यह देखा जा सकता है कि समाज को दिशा देने और अनुकूल माहौल बनाने का काम नहीं हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आरएसएस किसी के खिलाफ नहीं है और किसी घटना की प्रतिक्रिया के रूप में काम नहीं करता है, बल्कि इसका फोकस देश में जारी सकारात्मक प्रयासों का समर्थन मजबूत करने पर है।भागवत ने कहा कि संघ एक अर्धसैनिक बल नहीं है, भले ही वह नियमित पथ संचलन (मार्च) करता है और उसके स्वयंसेवक लाठी चलाते हैं। लेकिन इसे अखाड़ा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि आरएसएस राजनीति में नहीं है। हालांकि संघ से जुड़े कुछ लोग राजनीतिक जीवन में सक्रिय हैं। उन्होंने 1925 में आरएसएस की स्थापना से पहले देश की स्थिति के बारे में बात की। भागवत ने कहा, अंग्रेजों ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना एक सुरक्षा दीवार के रूप में की थी। लेकिन भारतीयों ने इसे स्वतंत्रता संग्राम के एक शक्तिशाली साधन में बदल दिया।उन्होंने आरएसएस के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार का भी जिक्र किया। संघ प्रमुख ने कहा कि उनका बचपन कठिन परिस्थितियों में बीता। जब वह में 13 वर्ष के थे, तब उनके माता-पिता दोनों की प्लेग से मृत्यु हो गई थी और उसके बाद उन्होंने आर्थिक तंगी का सामना किया। भागवत ने बताया कि हेडगेवार ने स्वाधीनता संग्राम के दौरान विभिन्न आंदोलनों में सक्रिय रूप से भाग लिया। इनमें स्कूल के दिनों का वंदे मातरम आंदोलन भी शामिल है।संघ प्रमुख ने बताया कि जब हेडगेवार ने प्रथम श्रेणी में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीरण की, तो नागपुर के कुछ लोगों ने उन्हें चिकित्सा शिक्षा के लिए कोलकाता (तब कलकत्ता) भेजने के लिए पैसा जुटाया, जहां वह क्रांतिकारी समूहों के संपर्क में आए। उस दौर की एक घटना को याद करते हुए भागवन ने बताया कि हेडगेवार गोपनीय ‘कोकेन’ नाम से काम करते थे, जो कोकेनचंद्र नाम के व्यक्ति से प्रेरित था। उन्होंने बताया कि एक बार कोकेनचंद्र को गिरफ्तार करने आई पुलिस की टीम ने गलती से हेडगेवार को ही हिरासत में ले लिया था। इस घटना दस्तावेजीकरण रास बिहारी बोस की एक किताब में किया गया है।आरएसएस के शताब्दी समारोह में भागवत के संबोधन को बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ध्यान से सुन रहे थे। उनके साथ प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सुभाष घई और जाने-माने गीतकार, कवि और लेखर प्रसून जोशी भी मौजूद थे। भागवत ने जोर देकर कहा कि संघ किसी का विरोध किए बिना देश के लिए काम कर रहा है। राष्ट्रीय एकता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और सत्ता की लालसा के बिना काम कर रहा है।

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

Leave a comment

Please Login to Comment.