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Meta Description: Lakhimpur News: Lakhimpur Kheri News: रैकेट थामे उम्मीदें, पर सुविधाओं का साथ नहीं – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
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Lakhimpur: मुख्य समाचार और अपडेट
Lakhimpur: सरकारी स्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट उपलब्ध होने के बावजूद महिला खिलाड़ियों के लिए स्थायी और प्रशिक्षित कोच की तैनाती नहीं है। अधिकतर खिलाड़ी आपसी अभ्यास या पूर्व खिलाड़ियों की सलाह पर निर्भर हैं। इससे तकनीकी कमियां दूर नहीं हो पातीं। गलत स्ट्रोक, कमजोर फुटवर्क और फिटनेस की कमी उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर रही है। कोचिंग न मिलने से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी कमजोर पड़ता है।जिले में महिला वर्ग की नियमित प्रतियोगिताओं का भी अभाव है। स्कूल स्तर के बाद खेलने के अवसर बेहद सीमित हो जाते हैं। साल में एक-दो प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के विकास के लिए पर्याप्त नहीं हैं। प्रतियोगिताओं की कमी के कारण खिलाड़ी अपने स्तर को परख नहीं पातीं और चयन की दौड़ में पीछे रह जाती हैं।आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं के लिए रैकेट, जूते और खेल किट की व्यवस्था करना भी बड़ी चुनौती है। ग्रामीण और तहसील क्षेत्रों में सुरक्षित और मानक अभ्यास स्थल न होने से उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि नियमित कोचिंग, प्रतियोगिताएं और आर्थिक सहयोग मिले, तो जिले की बेटियां राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।वर्जनस्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट है और छात्रा खिलाड़ी अभ्यास के लिए आती भी हैं, लेकिन कोच न होने से संख्या नहीं बढ़ पा रही है। इस संबंध में कई बार पत्राचार किया गया है। विभिन्न खेलों के कोच मांगे गए हैं, जिनमें बैडमिंटन कोच भी शामिल है। यह सत्र समाप्त हो चुका है। उम्मीद है कि नए सत्र में अप्रैल तक कोच की तैनाती हो जाएगी।-मो. इरफान, उप क्रीड़ा अधिकारीहाल ही में लखीमपुर खेल महोत्सव में बैडमिंटन खिलाड़ियों को अपना हुनर दिखाने का मौका मिला। इसमें कई महिला खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।-हुदा खानलालपुर स्टेडियम की तरह हर तहसील में बैडमिंटन कोर्ट बनाए जाएं और नियमित अभ्यास कराया जाए, तभी खिलाड़ी छात्राओं का भला हो सकता है।-प्रगति श्रीवास्तवन तो जिले में बैडमिंटन के लिए कोई स्थायी कोच है और न ही तहसील क्षेत्रों में कोई एकेडमी। कभी-कभार टूर्नामेंट होते हैं लेकिन अभ्यास नहीं हो पाता।-निष्ठा शुक्लामैं पिछले दो वर्षों से प्रोफेशनल बैडमिंटन खेल रही हूं। लालपुर स्टेडियम में कोर्ट है, लेकिन तहसील स्तर पर अभ्यास की कोई व्यवस्था नहीं है।-अनिका अग्रवाल
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