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Meta Description: Lakhimpur News: Lakhimpur Kheri News: धूल फांक रहीं राजस्व मामलों की फाइलों को इंसाफ का इंतजार – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
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Lakhimpur: मुख्य समाचार और अपडेट
Lakhimpur: जबकि वादों के निस्तारण को लेकर हर माह जिला प्रशासन बैठक कर संबंधित अफसरों को निर्देश दिए जाते हैं, बावजूद लापरवाही बरती जा रही है। सदर एसडीएम का दावा है कि उनके न्यायालय में मात्र 65 से 70 वाद लंबित होंगे। जबकि विभाग के ही अधिकारियों के मुताबिक वास्तविक आंकड़ा कहीं अधिक है। गोला में एसडीएम कोर्ट में 233, न्यायिक में 580 मुकदमे, मितौली तहसील एसडीएम कोर्ट में 212, न्यायिक में 305, प्रशासनिक कोर्ट में 38 वाद लंबित है, इसमें कई मामले पांच वर्ष पुराने हैं।धौरहरा एसडीएम न्यायालय में 349 वाद लंबित हैं। लंबित मामलों में वर्ष 2021 के चर्चित वाद भी शामिल हैं। इनमें मोहन लाल बनाम तौफीक, गोवर्धन बनाम सोहन लाल, टेकन बनाम पराना और छेदाना बनाम सेहरूना जैसे प्रकरण प्रमुख हैं। इन मामलों में भूमि विवाद, कब्जा और नामांतरण से जुड़े मुद्दे शामिल बताए जाते हैं।निघासन में 284 वाद विचाराधीन हैं, इनमें कई पांच से सात वर्ष पुराने मामले हैं। राजस्व संहिता 2006 की धारा 117 के तहत कुर्रा बंटवारा से जुड़ा वाद विनोद कुमार बनाम राम भरोसे आठ फरवरी 2021 से लंबित है। इसमें अब तक 155 तारीखें लग चुकी हैं। हालांकि निस्तारण नहीं हुआ। वहीं राजस्व संहिता 2006 की धारा 115 के अंतर्गत लावारिस भूमि को राज्य सरकार में निहित करने से संबंधित वाद सरकार बनाम नरायन सिंह दो जून 2020 से लंबित है, इसके लिए अब तक 162 पेशियां हो चुकी हैं।परगना अधिकारी (न्यायिक) के न्यायालय में 398 वाद लंबित हैं। इनमें धारा 144 के तहत मंगल सिंह बनाम शिवसागर वाद 18 अगस्त 2020 से विचाराधीन है, जो करीब पांच साल पुराना है। वसंत लाल बनाम जानकी वाद, जो उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 35(2) के अंतर्गत 10 सितंबर 2021 से विचाराधीन है, जो आदेश के लिए सुरक्षित बताया गया। परगना अधिकारी राजीव निगम ने बताया कि पुराने लंबित वादों की सुनवाई को प्राथमिकता दी जा रही है।फोटो- 28पत्नी श्रीदेवी का राजस्व ग्राम बलारपुर परगना कुकरा में गाटा संख्या 142 पर कृषि पट्टे का विवाद न्यायिक एसडीएम कोर्ट में वर्ष 2017-18 से लंबित है। कई बार चक्कर लगा चुके, लेकिन अभी निर्णय नहीं हुआ है।पूरन लाल, फरेंदा नंबर-2फोटो- 29गोला न्यायिक एसडीएम कोर्ट में जमीन की विरासत का वाद दो वर्षों से लंबित है। 80 से अधिक बार चक्कर लगा चुके, लेकिन अब तक कोई भी निर्णय नहीं हो सका। समय के साथ ही किराया सहित अन्य में काफी रुपये भी खर्च कर चुके हैं।-आदेश कुमार, नौगवांफोटो- 25जमीन का एक मुकदमा डेढ़ सालों से धौरहरा में विचाराधीन था। अब सदर एसडीएम न्यायालय में मुकदमा ट्रांसफर करा लिया है। यहां भी तीन महीनों से चक्कर लगा रहा, लेकिन हमारी तारीख पर एसडीएम नहीं आते हैं। हर बार तारीख लेकर लौटना पड़ता है।-गोपी, धौरहरावर्जनपुराने मुकदमों के निस्तारण को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। काफी हद तक निस्तारित भी चुके हैं। पहले 300 के करीब पुराने मुकदमे विचाराधीन थे, जो अब मात्र 90 से 95 बचे होंगे, जिनका भी जल्द ही निस्तारण हो जाएगा। मुकदमों के निस्तारण के मामले में लखीमपुर को प्रदेश में पहला स्थान भी मिला है।-नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम प्रशासन
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