UP News: आठवीं का छात्र तन्मय बना बरेली पुलिस का डिजिटल प्रहरी, माता-पिता को साइबर ठगों से बचाया

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UP News: आठवीं का छात्र तन्मय बना बरेली पुलिस का डिजिटल प्रहरी, माता-पिता को साइबर ठगों से बचाया: ताजा अपडेट

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UP News:: बरेली में माता-पिता को डिजिटल अरेस्ट से बचाने वाले प्रेमनगर निवासी आठवीं कक्षा के छात्र तन्मय को बरेली पुलिस ने साइबर जागरूकता के लिए डिजिटल प्रहरी बनाया है। शुक्रवार को बरेली जोन पुलिस कार्यालय में बुलाकर एडीजी रमित शर्मा, एसएसपी अनुराग आर्य, एसपी सिटी मानुष पारीक व अन्य अधिकारियों ने तन्मय व उसके माता-पिता को सम्मानित भी किया। एडीजी ने कहा कि बरेली पुलिस पहले से स्कूलों में साइबर जागरूकता अभियान चला रही है। अब तन्मय के जरिये भी बच्चों और बड़ों को जागरूक किया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों ने जब तन्मय से पूछा कि डिजिटल अरेस्ट को लेकर वह इतना जागरूक कैसे है तो उसने बताया कि वह अमर उजाला पढ़ता है। उसी में डिजिटल अरेस्ट से बचाव की बातें पढ़ी थीं तो पिता को एरोप्लेन मोड लगाने व कॉल कट करने की सलाह दी थी।शाम को तन्मय और उनके माता-पिता को अमर उजाला कार्यालय में सम्मानित किया गया। उन्हें बुके, अमर उजाला का प्रतीक चिह्न और वार्षिक घटनाक्रम की जानकारी देने वाली अमर उजाला ईयर बुक प्रदान की गई।

तन्मय ने बताया कि वीडियो कॉल के दौरान शुरू में उसने दूसरे मोबाइल से ठगों का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था। संदेह होने पर ठगों ने दोनों मोबाइल फोन पर वीडियो कॉल चालू करवाकर उसे भी स्क्रीन के सामने ले लिया। उसने देखा कि पुलिस कांस्टेबल की दाढ़ी बहुत बड़ी थी और बातचीत में वे बार-बार जनाब शब्द का प्रयोग कर रहे थे। ऐसे में उसे शक हो गया।

जब ठगों ने दिल्ली से पुणे कॉल ट्रांसफर की तब तक सामान्य कॉल वीडियो कॉल में बदल चुकी थी। उसे शक हुआ कि पहले और बाद में बात करने वाला शख्स एक ही है, क्योंकि दोनों आवाज एक जैसी ही थी। एनआईए के लोगो में स्मॉल एन देखकर भी वह चौंका। वारंट में कोर्ट की मुहर और जज के हस्ताक्षर नहीं थे। तब उसने जिद पकड़ ली और फोन एरोप्लेन मोड पर लगवा दिया।

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