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Meta Description: Lakhimpur News: Lakhimpur Kheri News: रमियाबेहड़ में नहीं बने गेहूं खरीद केंद्र, किसानों में आक्रोश – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
Suggested Slug: wheat-procurement-center-not-built-in-ramiabehar-anger-among-farmers-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1036-172516-2026-04-10
Lakhimpur: मुख्य समाचार और अपडेट
Lakhimpur: रमियाबेहड़ ब्लॉक के 48 ग्राम पंचायतों के लिए एक भी केंद्र नहीं है। वहीं धौरहरा में जंगल वाली, धौरहरा, घुरघुट्टा, और हसनापुर सहित मात्र चार सेंटर है, यहां के भी अमेठी सहित करीब चार सेंटर कम कर दिए गए हैं। ईसानगर में सिंगावर, खमरिया पंडित, ईसानगर, रूद्रपुर, कबिरहा, सरैया कलां, मिर्जापुर मल्लापुर सहित सात खरीद केंद्र हैं, लेकिन किसी भी क्रय पर बारदाना नहीं हैकिसानों का आरोप है कि जहां एक ओर सरकारी केंद्र संचालक बोरे (बारदाना) की कमी का हवाला देकर खरीद से हाथ खड़े कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बिचौलियों की सक्रियता बढ़ गई है। बिचौलिये किसानों से 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल के बीच गेहूं खरीदकर उनका शोषण कर रहे हैं।फोटो- 12गेंहू से भरी ट्राॅलियां 10 दिन से खड़ी है। रमियाबेहड़ खरीद केंद्र न होने से धौरहरा गए थे, लेकिन वहां पर बोरे न होने की बात कहकर टरका दिया गया। अब बिचौलियों को ही बेचना पड़ेगा।- रामकृत वर्मा, कफाराफोटो- 9ऐसा पहली बार हुआ जब रमियाबेहड़ क्षेत्र में कोई गेंहू खरीद केंद्र नहीं लगा, जो धौरहरा ईसानगर में केंद्र लगे हैं वहां बारदाना नहीं है। अब हम सब अपना गेंहू लेकर कहां जाए-तरसेन सिंह, कफारा।फोटो- 11खेत से किसी तहत फसल उठाकर घर ला पाए हैं तो इसे बेचने की समस्या है, सरकारी रेट 2585 बताया जाता है, पर बिचौलिए 2000 रुपये में गेहूं खरीद रहे हैं, सरकारी केंद्र पर बोरे न होने की बात कहकर टरकाया जा रहा है-नरेंद्र यादव किसान अभयपुर।फोटो- 1010 दिन से खरीद केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं, पर हर बार बोरे न होने की बात कही जा रही है, आखिर कब बोरे आएंगे जब हमारा गेहूं खरीदा जाएगा।- मनेंदर सिंह, किसानफोटो- 5भाजपा सरकार किसानों के बजाय बिचौलियों के माध्यम से गेंहू खरीद कर माफिया को बढ़ावा दे रही है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसान आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। आत्महत्या करने पर विवश है। सपा किसानों के लिए सड़कों पर उतरेगी।-आनंद भदौरिया, सांसद धौरहरावर्जन-रमियाबेहड़ में किस वजह से खरीद केंद्र नहीं खुले यह जानकारी नहीं है। बोरे क्रय केंद्रों पर जल्द पहुंचे इसके लिए विपणन अधिकारी को कहा है।-शशिकांत मणि, एसडीएम धौरहराकिसानों की मुसीबत बना खेतों में भरा पानीफोटो-15बांकेगंज। खेतों में भरा बारिश का पानी किसानों की मुसीबत बन गया है। जल निकास की समस्या के चलते तीसरे दिन शुक्रवार को लोगों ने पंपिंग सेट के जरिये पानी को निकालने में जुट हुए हैं। बूधरपुर गांव के निवासी प्रमोद कुमार, गेंदनलाल आदि ने बताया कि खेतों में बिछी पड़ी गेहूं के खेतों में जलभराव के चलते फसल कटाई की समस्या पैदा हो गई। इसके चलते लोग मंहगा डीजल खरीदकर पंपिंगसेट के जरिये पानी निकाल रहे हैं। बारिश से भीगी फसल कटाई के लिए किसानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। संवाद
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