उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची सत्यापन में लापरवाही पर सख्त चेतावनी
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच मतदाता सूची सत्यापन (Voter List Verification) को लेकर बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा (Chief Electoral Officer Navdeep Rinwa) ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जो भी लोग मतदाता सत्यापन प्रक्रिया को पूरा नहीं करेंगे, उनके नाम अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) में शामिल नहीं किए जाएंगे।
यह निर्देश उन नागरिकों के लिए बेहद अहम है जो अपने वोट के अधिकार को सुरक्षित रखना चाहते हैं। निर्वाचन आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक तरीके से की जा रही है, ताकि मतदाता सूची में कोई त्रुटि या फर्जी नाम न रह जाए।
22 साल बाद चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision)
राज्य में 22 साल बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision — SIR) शुरू किया गया है। यह अभियान 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान पूरे प्रदेश में बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं।
वे मतदाता सूची में दिए गए नाम, पता और विवरण की पुष्टि कर रहे हैं और आवश्यक संशोधन के लिए प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन (Updated) और सटीक (Accurate) बनाना है।
BLO घर-घर पहुंचा रहे हैं मतदाता प्रपत्र
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में BLO घर-घर जाकर मतदाताओं को फॉर्म-6, 7, 8 आदि प्रपत्र दे रहे हैं। इनमें
- Form 6: नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए,
- Form 7: नाम हटवाने के लिए,
- Form 8: विवरण संशोधन के लिए उपयोग किया जा रहा है।
निर्वाचन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो नागरिक BLO के माध्यम से सत्यापन नहीं करवा पाएंगे, वे www.nvsp.in या voterportal.eci.gov.in पर ऑनलाइन भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
सत्यापन न कराने पर नाम हटने का खतरा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा—
“जो मतदाता सत्यापन प्रक्रिया को हल्के में लेंगे, उनका नाम अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) से हटाया जा सकता है। इसलिए प्रत्येक पात्र मतदाता को समय रहते सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।”
उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी BLO सक्रिय रूप से अपने क्षेत्र में सत्यापन सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
मतदाता जागरूकता अभियान भी जारी
निर्वाचन विभाग ने इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए SVEEP (SYSTEMATIC VOTERS’ EDUCATION AND ELECTORAL PARTICIPATION) कार्यक्रम के तहत व्यापक जागरूकता अभियान (Awareness Campaign) शुरू किया है।
विद्यालयों, कॉलेजों, पंचायत भवनों और नगर निगमों में मतदाता जागरूकता रैलियाँ आयोजित की जा रही हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सूची सत्यापन में भाग लें।
ऑनलाइन सत्यापन कैसे करें
जो लोग BLO के माध्यम से सत्यापन नहीं कर पा रहे हैं, वे घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं—
- www.nvsp.in या voterportal.eci.gov.in पर लॉगिन करें।
- “Electoral Roll Verification” विकल्प चुनें।
- अपना नाम, पता या EPIC नंबर दर्ज करें।
- यदि कोई गलती मिले, तो ऑनलाइन सुधार हेतु आवेदन करें।
निर्वाचन आयोग का लक्ष्य: 100 % सटीक सूची
चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची की सटीकता लोकतंत्र की मजबूती का पहला कदम है। इस विशेष अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का हर पात्र नागरिक मतदाता सूची में सही जानकारी के साथ दर्ज हो और कोई भी व्यक्ति छूटे न या फर्जी नाम दर्ज न रहे।
निष्कर्ष
मतदाता सूची सत्यापन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। हर नागरिक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसका नाम मतदाता सूची में सही दर्ज हो।
उत्तर प्रदेश सरकार और चुनाव आयोग की यह संयुक्त पहल न केवल भविष्य के चुनावों की तैयारी है, बल्कि यह लोकतंत्र के मूलभूत स्तंभ “मतदाता” को और अधिक सशक्त करने की दिशा में कदम है।
