धनतेरस के मनाने के पीछे अनेक धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक कारण हैं। कुछ मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
“धन” का अर्थ है संपत्ति, और “तेरस/त्रयोदशी” का अर्थ है चंद्र माह की 13वीं तिथि — इसलिए इस दिन को धनतेरस कहा गया।
इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा होती है। माना जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, और इस दिन को उनकी जयंती भी माना जाता है।
साथ ही, यह दिन माँ लक्ष्मी और कुबेर देवता को समर्पित माना जाता है — धन-समृद्धि एवं वैभव की कामना के लिए।
पौराणिक कथा अनुसार, इस दिन समुद्र मंथन के दौरान देवी लक्ष्मी का उदय हुआ था, इसलिए इस दिन उन्हें विशेष रूप से पूजा जाता है।
इस दिन वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ माना जाता है — विशेषकर सोना, चाँदी, और घरेलू बर्तन — क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस दिन खरीदी गई चीज़ें संपत्ति में वृद्धि करती हैं।
साफ़-सफाई और प्रकाश (दीप जलाना) इस दिन का एक हिस्सा है — माना जाता है कि यह अंधकार को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि को आमंत्रित करता है।
