💥 दिल्ली में घुट रहा है दम! AQI 400 पार, फेफड़ों को बचाने के लिए घर पर करें ये 5 इमरजेंसी काम

By Deepak Pandit 4 Min Read
pradushan-se-bachne-ke-5-emergency-gharelu-upay-delhi-aqi-400

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे NCR में हवा की गुणवत्ता गंभीर रूप से खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार जा चुका है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। यह हवा अब ‘साँस लेने लायक’ नहीं, बल्कि ‘जहर’ बन चुकी है। ऐसे में, जब स्कूल बंद हो रहे हैं और आपातकालीन उपाय लागू किए जा रहे हैं, तो सबसे ज़रूरी है कि आप अपने और अपने परिवार को कैसे सुरक्षित रखें? खासकर जब आप घर के अंदर हैं, तब भी आपको कुछ इमरजेंसी उपाय तुरंत करने होंगे।

💨 घर के अंदर भी ‘जहर’ है! 2 मिनट में ऐसे चेक करें अपने घर का AQI

सिर्फ बाहर ही नहीं, बल्कि घर के अंदर भी प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है। यदि आप घर पर हीटर या गैस स्टोव का उपयोग करते हैं, तो हवा की गुणवत्ता और खराब हो जाती है।

जाँच उपकरण: आप ऑनलाइन कम लागत वाले पोर्टेबल AQI मॉनिटर खरीद सकते हैं जो तुरंत आपके घर की हवा की गुणवत्ता बता देंगे।

फिल्टर की सफाई: घर के एयर कंडीशनर (AC) और पंखों के फिल्टर्स को तुरंत साफ करें ताकि वे हवा को फिल्टर करने में मदद कर सकें।

खिड़कियाँ सील करें: जब तक प्रदूषण का स्तर कम न हो, घर की सभी खिड़कियाँ और दरवाजे पूरी तरह से बंद रखें। वेंटिलेशन कम कर दें।

🚨 प्रदूषण का आपातकाल! 5 सबसे ज़रूरी काम जो आपको अभी करने होंगे

ये वे 5 सबसे महत्वपूर्ण कदम हैं जो आपको अपने फेफड़ों और स्वास्थ्य को बचाने के लिए तुरंत उठाने चाहिए:

1. एयर प्यूरीफायर को ‘मैक्स’ पर चलाएं: यदि आपके पास एयर प्यूरीफायर है, तो उसे हमेशा अधिकतम क्षमता पर चलाएं और सुनिश्चित करें कि उसका HEPA फिल्टर काम कर रहा हो।

2. गीला पोंछा (Wet Mopping) ही लगाएं: फर्श को झाड़ू से साफ करने से धूल और प्रदूषक कण हवा में मिल जाते हैं। इसके बजाय, गीले कपड़े या पोछे का उपयोग करें।

3. फेस मास्क पहनना न भूलें: यदि आप बाहर निकल रहे हैं, तो N95 या N99 मास्क ही पहनें। साधारण कपड़े का मास्क प्रदूषण के कणों को रोकने में असमर्थ होता है।

4. डाइट में ‘सुपरफूड’ शामिल करें: अपने आहार में विटामिन C, विटामिन E और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ (जैसे हल्दी वाला दूध, गुड़, और आंवला) शामिल करें। ये फेफड़ों के संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।

5. नेजल वॉश (Nasal Wash) या भाप लें: सादे या नमक के पानी से नाक की सफाई करने से (नेती क्रिया) या भाप लेने से फेफड़ों तक जाने वाले कण बाहर निकल जाते हैं।

🛡️ सिर्फ सरकार नहीं, खुद को बचाने के लिए अब क्या करना है?

प्रदूषण एक दीर्घकालिक समस्या है, लेकिन तत्काल सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। इस दौरान शारीरिक गतिविधि जैसे जॉगिंग या साइकिल चलाने से बचें। घर के अंदर भी यदि आपको खाँसी, साँस लेने में तकलीफ, या आंखों में जलन हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों का खास ध्यान रखें।

By Deepak Pandit Author/Publisher
Follow:
Deepak Pandit एक अनुभवी पत्रकार और UPKhabarHindi.com के संस्थापक हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश और भारत से जुड़ी सैकड़ों खबरें कवर की हैं। 166K+ फेसबुक फॉलोअर्स के साथ Deepak Pandit डिजिटल मीडिया में एक विश्वसनीय नाम हैं। उनका उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और जनहित की पत्रकारिता करना है। 📧 deepak@upkhabarhindi.com | 🌐 UPKhabarHindi.com
Exit mobile version